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Chapter 2

मीरा: नहीं ऋषि, उन्हें ऑफिस में कुछ ज़रूरी काम था, तो वह कल तक आ जाएंगे। आपने ऑफिस से छुट्टी ली है क्या?

ऋषि: हाँ दी, शादी तक छुट्टी ली है। मेरी इकलौती बेटी है, उसकी शादी में कोई कमी नहीं होनी चाहिए।

मीरा: हाँ ज़रूर, लेना भी चाहिए। अब तो इसकी मौसी भी आ गई है, कोई कमी ही नहीं होगी मायरा की शादी में।

(अन्या उछलते हुए) अन्या: वाओ! 😃❤️ मायरा दीदी की शादी! फिर तो बहुत मज़ा आने वाला है।

मायरा: हाँ अन्या। 🤭

(सबको लंच सर्व करते हुए प्रिया बोली) प्रिया: सबका बात हो गया हो तो लंच कर लो, वरना खाना ठंडा हो जाएगा।

​(मायरा खाते हुए बोली) मायरा: पापा, मैं और अन्या शाम को शॉपिंग करके आएं?

ऋषि: क्यों बेटा? कहाँ तक मुझे पता है तुम्हारे तो सब गहने, डिज़ाइनर ड्रेसेस, सब कुछ तो आ गया है।

मायरा: हाँ पापा, बट वो हम पार्टी में जाएंगे। ऋषभ हमें पिकअप करने आएंगे।

ऋषि: ठीक है, अब मैं क्या बोलूँ। जाओ फिर, अभी एन्जॉय करो। फिर शादी के समय निकलना नहीं होता है। मैंने सही कहा ना प्रिया?

प्रिया: हाँ ऋषि, बिल्कुल।

मायरा: मौसी, मैं अन्या को लेकर जाऊँगी ना?

(मीरा सोचते हुए कुछ कहने ही वाली होती है, तब ऋषि ने बोला)

ऋषि: हाँ ज़रूर ले जाओ, यह कोई पूछने वाली बात है!

(मीरा भी हाँ में सर हिला देती है। सब लंच खत्म करके अपने-अपने रूम में चले जाते हैं।)

​मल्होत्रा एंटरप्राइजेस 🥰

​बोर्डरुम में प्रोजेक्ट के बारे में विहान ने सबको बता दिया था। सब बोर्डरुम से चले जाते हैं। वहीं कोई उनके नए प्रोजेक्ट के बारे में कॉल करके किसी दूसरे को इन्फॉर्म करता है। विहान अपनी चेयर से उठकर जाने ही वाला होता है कि ऋषभ ने विहान को रोका।

​ऋषभ: विहान, आज हम क्लब जा रहे हैं और तू मना नहीं करेगा। मैंने सारे फ्रेंड्स को इनवाइट कर लिया है और क्लब भी बुक कर लिया है, तो...

विहान (झट से बोलते हुए): हाँ हाँ, ठीक है भाई, आ जाऊँगा। और मायरा?

ऋषभ: हाँ, वो तो आएगी ही। उसे पिकअप करने के लिए मैं जाऊँगा। तू मेरे साथ आएगा ना?

विहान: नहीं, मैं आ जाऊँगा, आप लोग जाओ।

ऋषभ: टाइम से।

विहान: हम्मम।

​मायरा और अन्या शॉपिंग पे गए थे। मायरा अन्या के लिए वन-पीस देख रही थी और अन्या सॉफ्ट टॉयज देख रही थी। मायरा ने ब्लैक कलर का सेलेक्ट किया, बहुत ही खूबसूरत स्लीवलेस ड्रेस थी।

​मायरा: अन्या चलो, मेरा हो गया। तुम्हें कुछ लेना है?

अन्या: हाँ, एक बड़ा सा सॉफ्ट ब्राउन टेडी बियर। और दी, यह ड्रेस किसके लिए है आपके?

मायरा: तुम्हारे लिए, और टेडी भी ले लेते हैं।

अन्या: आप अपने लिए नहीं लिए क्या?

मायरा: अन्या! बहुत सवाल-जवाब कर रही हो। मेरे पास ऑलरेडी बहुत सारे हैं। (मन में सोचते हुए: कहाँ तुम वो सलवार-सूट पहनकर ही चली जाओगी, क्लब ऐसे थोड़ी जाते हैं डार्लिंग!)

अन्या: चलो ना दी, मेरा हो गया है।

(मायरा बिल पेमेंट करके दोनों घर के लिए निकल जाते हैं।)

​रात का वक्त

​रूम में अन्या और मायरा दोनों रेडी हो रहे थे। मरून वन-पीस में मायरा किसी फैशन मैगज़ीन की मॉडल से कम नहीं लग रही थी। सॉफ्ट कर्ल्स उसके कंधों पर बिखर रहे थे। लाइट मेकअप और मैचिंग हील्स के साथ पूरी रेडी हो चुकी थी। उसने अन्या को आवाज़ दी, "अन्या, ड्रेस पहनकर बाहर आओ जल्दी, पार्टी के लिए लेट हो रहे हैं।"

​अन्या: दीदी! यह आपने मेरे लिए ड्रेस ली है या किसी छोटे बच्चे के लिए? ड्रेस घुटने (knee) से नीचे आ ही नहीं रही, कितनी भी ट्राई कर लूँ, बट नीचे नहीं आ रहा।

मायरा: अच्छा ऐसा है क्या? बाहर तो आओ बेबी, मुझे भी देखना है। यह मॉल वाले भी ना... इनकी अच्छी खबर लूँगी मैं। तुम बाहर आ जाओ।

​अन्या बाहर आई। पहली बात, उसने ब्लैक कलर की वन-पीस ड्रेस पहनी थी। ड्रेस स्लीवलेस थी और उस पर बेहद खूबसूरत लग रही थी। घबराहट में वो बार-बार अपनी ड्रेस को घुटने तक खींचने की ट्राई कर रही थी, मानो खुद को सहज महसूस कराने की कोशिश कर रही हो। उसके चेहरे पर झलकती झिझक और मासूमियत खूबसूरती को और भी बढ़ा रहे थे। कमर के नीचे तक खुले कर्ली बाल उसके कंधों पर बिखरे हुए थे और उसकी बड़ी-बड़ी आँखों में हल्की सी बेचैनी साफ़ दिखाई दे रही थी। आज लग रहा था कि खुद स्वर्ग से उतरी परी लग रही थी।

​मायरा (उसे देखते हुए): हाय! अन्या, कितनी प्यारी लग रही हो, तुम्हें मेकअप की ज़रूरत ही नहीं है। (उसने अन्या की नज़र उतारते हुए कहा) कहीं तुम्हें मेरी ही नज़र ना लग जाए। छोड़ो यह सब बात और चलो।

अन्या (चिल्लाते हुए): क्या? इस तरह जाऊँ? मुझे नहीं जाना आपके साथ!

मायरा (कड़क आवाज़ में): अन्या, पहले तो इस ड्रेस को खींचना बंद करो और मेरे साथ एकदम अच्छे बच्चे की तरह चलो, समझी?

अन्या: हम्मम... 😔

​दोनों नीचे जाकर ऋषभ का वेट करते हैं। थोड़ी देर में ऋषभ आया। मायरा ने देखा तो जल्दी से अपने बाल को संवारते हुए चेहरे पर स्माइल लाई, फिर कार के पास आई। ऋषभ ने मायरा के पीछे छिपी हुई लड़की को देखा, चेहरे की मासूमियत में खो सा गया था। उसका ध्यान बिल्कुल भी मायरा पे नहीं था।

​(मायरा ने एकदम खुशी से पूछा) मायरा: ऋषभ, मैं कैसी लग रही हूँ?

ऋषभ: चाँद का टुकड़ा, हाय!

मायरा: व्हाट! ऐसा तो तुम कभी नहीं बोलते थे।

ऋषभ: मा... मतलब बहुत अच्छी लग रही हो जान। वैसे यह लड़की कौन है?

मायरा: यह मेरी बहन है, मैंने तो बताया था तुम्हें, अन्या नाम है इसका।

(ऋषभ ने अन्या की तरफ हाथ बढ़ाते हुए कहा) ऋषभ: हेलो अन्या।

अन्या: हाय जीजू!

ऋषभ: बहुत क्यूट हो तुम, अन्या।

(मायरा ने चिढ़ते हुए कहा) मायरा: हाँ, मेरी ही बहन है, क्यूट तो होगी ही।

ऋषभ: नहीं मायरा, तुम क्यूट नहीं हो। तुमसे किसने कहा?

मायरा: क्यों, मैं क्यूट नहीं हूँ? मैं जानती थी तुम भी सब लड़कों जैसे ही हो।

ऋषभ: अरे बेबी! मतलब तुम प्रीटी (pretty) हो।

(मायरा ने मारते हुए बोला) मायरा: गंदे हो तुम, मुझसे बात मत करना।

(अन्या सब देखकर हँसने लगी) अन्या: आप दोनों बिल्कुल टॉम एंड जेरी के जैसे लड़ रहे हो। 😄

ऋषभ: ओके, जल्दी बैठो, चलते हैं हम लोग।

​क्लब 💖

​ऋषभ सबके साथ पहुँच चुका था। तीनों क्लब में जाते हैं, वहाँ सबकी नज़र अन्या पे थी। उसमें से एक लड़का अपने फ्रेंड से बात कर रहा था, "क्या हॉट लग रही है यार यह!" और लड़कियाँ जलती हुई नज़रों से देख रही थीं। एक लड़का अन्या के पास जल्दी से आता है और बोलता है, "हेलो, तुम्हारा नाम क्या है?" अन्या मायरा की तरफ देखती है। मायरा ने अपनी आँखें हल्की झुकाकर इशारे से हाँ बोल दिया।

​अन्या: हेलो, तुम्हारा नाम क्या है?

लड़का: मेरा नाम कार्तिक है।

​फिर सब वहाँ अपना-अपना डांस एन्जॉय कर रहे थे। ऋषभ ने कहा, "चलो मायरा, साथ में डांस करते हैं।" मायरा अन्या की तरफ देखती है। ऋषभ बोला, "वो यहीं रहेगी, तुम चलो।" फिर दोनों डांस करते हैं।

​अन्या सब देख रही थी। पीछे से एक लड़की आई, उसका नाम मैहर था। वह अन्या के पास आकर बैठी, उसके हाथ में एक सॉफ्ट ड्रिंक था, बट उसने उसमें हाई लेवल का अल्कोहल मिलाया हुआ था।

​मैहर: हाय अन्या!

अन्या: तुम मेरा नाम कैसे जानती हो?

मैहर: तुमने अपना नाम कार्तिक को बताया था ना, मैं वहीं थी। जूस पियोगी?

​अन्या को प्यास भी लगी थी, तो वो तुरंत 'हाँ' बोली और उसने जूस ले लिया।

Bye cuties💋 milte h next chapter me and plzz like and comment 🥺

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