तभी विहान के फोन की रिंग बजी। उसने कॉल रिसीव किया और बोला, "बस 5 मिनट में आ रहा हूँ।" इतना बोलते ही उसने फोन कट कर दिया, रूम लॉक किया और नीचे चला गया। विहान के चेहरे पर डार्क (गंभीर/गुस्सैल) एक्सप्रेशन थे। उसने चारों तरफ देखा, कुछ लोग कपल डांस कर रहे थे और कोई हद से ज़्यादा रोमांस। एक लड़की कब से विहान को नोटिस कर रही थी, तभी दूसरी लड़की बोली, "अक्षरा दीक्षित, तुम किसको देख रही हो?"
अक्षरा: "तुमने इतनी ड्रिंक क्यों की है यार, ये सब छोड़... लेकिन ये विहान बहुत हैंडसम है, काश मैं इसकी जीएफ (गर्लफ्रेंड) होती।"
अक्षरा की फ्रेंड: "यहाँ मैं ड्रिंक कर रही हूँ और तुझे होश नहीं है क्या? इस विहान मल्होत्रा के पीछे कई लड़कियाँ मरती हैं पर ये किसी को भाव नहीं देता। ऊपर से इसका गुस्सा... ओह माय गॉड! और तू इसकी जीएफ बनने के ख्वाब देख रही है? 🙄 ऐसा कुछ नहीं होने वाला, गॉट इट (समझ गईं)?"
अक्षरा: "अब तू देख मैं क्या करती हूँ। अगर मैं इसके पास कोई ऑप्शन ही ना छोड़ूँ तो..."
अक्षरा की फ्रेंड: "क्या बक रही है तू? ऐसा कुछ मत करना अक्षरा, कहीं तू अपने जाल में ना फँस जाए। ये विहान बहुत खतरनाक है।"
अक्षरा स्माइल करते हुए बोली, "बट आई लाइक इट (लेकिन मुझे यही पसंद है)।"
विहान सीधे बार काउंटर की तरफ गया और वहाँ बैठ गया। वो ड्रिंक करने लगा, लेकिन ड्रिंक ज़्यादा हैवी नहीं थी। वहाँ ऋषभ भी आ गया और बोला, "विहान, तू यहाँ ड्रिंक कर रहा है यार? इतनी हॉट-हॉट लड़कियाँ हैं, थोड़ी मस्ती कर। क्या टाइम वेस्ट कर रहा है!"
विहान ने गुस्से से ऋषभ की तरफ देखा।
ऋषभ: "चिल ब्रो! मैं तो मज़ाक कर रहा था। तू अपनी ड्रिंक एन्जॉय कर, मैं लड़कियाँ एन्जॉय करता हूँ।"
विहान: "क्या भाई....."
ऋषभ: "मेरा मतलब अपनी मायरा डार्लिंग को एन्जॉय करता हूँ, हर टाइम गलत मत समझ।" इतना बोलकर ऋषभ चला जाता है।
विहान के बगल में अक्षरा आती है। वो भी काफी हॉट थी, लेकिन आन्या के बराबर नहीं! 😁
अक्षरा ने अपनी अट्रैक्टिव (आकर्षक) आवाज़ में बोला, "हैलो विहान..."
विहान की आँखें इस वक्त काफी लाल थीं, उसने एक नज़र अक्षरा को देखा और कोई रिप्लाई नहीं दिया। अक्षरा एक सेकंड के लिए डर जाती है, लेकिन अपने चेहरे पर ज़ाहिर नहीं होने देती। अक्षरा ने चुपके से विहान की ड्रिंक में ड्रग्स मिला दिया।
विहान ड्रिंक सिप-सिप (घूँट-घूँट) करके पी रहा था और एक झटके में सारा खत्म कर दिया। उसने फोन से ऋषभ को मैसेज किया और अपने रूम में चला गया। अक्षरा भी उसके पीछे जाने लगी। अब विहान की बॉडी अजीब रिएक्ट कर रही थी, उसे समझ नहीं आ रहा था। इतने में अक्षरा विहान को पीछे से हग (गले लगा) कर लेती है। विहान उसे एकदम से अपने सामने लाता है।
अक्षरा: "कम ऑन बेबी..."
विहान ने उसके बाल पकड़े और बोला, "तुमने ड्रग्स मिलाया था मेरी ड्रिंक में?"
अक्षरा: "यस डार्लिंग, क्यों अच्छा नहीं लगा क्या?"
विहान की बॉडी गर्मी से तप रही थी, उसे समझ नहीं आ रहा था, बस अब उसे ठंडा पानी चाहिए था। लेकिन अक्षरा पूरा सिड्यूस (आकर्षित) कर रही थी। उसने विहान के हाथ अपनी कमर पर रखे और अपने हाथ विहान के गले में डाले और बोली, "किस मी, वरना तुम खुद इसी तरह तपते रहोगे, सोच लो।"
विहान ने गुस्से में उसे एक कदम पीछे किया और एक ज़ोरदार थप्पड़ मारा अक्षरा के चेहरे पर। अक्षरा के चेहरे पर विहान की उंगलियों के निशान आ गए थे। विहान ने तभी उसे दीवार से सटाया और उसकी बाजू ज़ोर से पकड़ी और गुस्से में बोला, "हाउ डेयर यू (तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई)..."
"तुम जानती नहीं मैं कैसा जल्लाद इंसान हूँ। अभी तुमने मेरा दूसरा रूप नहीं देखा है। इससे पहले मैं कुछ करूँ, तुम यहाँ से निकलो... जस्ट लीव (अभी बाहर जाओ)!"
अक्षरा जल्दी से भाग जाती है।
विहान ने अपने सर पर हाथ फेरा और रूम में चला गया। उससे अब कंट्रोल करना मुश्किल हो रहा था। रूम का डोर ओपन किया और अंदर से डोर लॉक कर दिया। उसने आन्या को देखा और उसके पास जाने लगा, लेकिन फिर उसने खुद से बोला, "विहान, ये तू क्या कर रहा है, ये अभी तुझे नहीं झेल सकती।"
बाहर बारिश भी हो रही थी, तेज़ हवा थी और विहान के रूम की बड़ी सी विंडो (खिड़की) खुली हुई थी। विहान खुद को रिलैक्स करने के लिए विंडो के पास गया, अपनी शर्ट को खोलकर फेंक दिया, फिर भी उसे सुकून नहीं मिल रहा था। तभी आन्या अपने ब्लैंकेट (कंबल) से अपना पैर बाहर कर देती है, उसकी थाई (जांघ) भी दिख रही थी।
विहान वॉशरुम की तरफ जा ही रहा था कि उसने आन्या को उस पोजीशन में देखा तो रुक गया। वो आन्या के पास धीरे-धीरे जा रहा था। उसने आन्या को अच्छे से कवर किया, लेकिन उसने आन्या के फूले-फूले लिप्स देखे। उसने किस करना स्टार्ट कर दिया, लेकिन बहुत वाइल्ड (बेकाबू) तरीके से किस कर रहा था। आन्या नींद में ही छटपटाने लगी, लेकिन फिर भी विहान उसे नहीं छोड़ रहा था।
आन्या की नींद खुल गई और उसने जब देखा तो डर गई और विहान को अपने आप से दूर करने लगी। जब विहान ने देखा तो वो थोड़ा दूर हटा, लेकिन फिर भी आन्या के बहुत करीब था।
आन्या: "दूर... दूर हटो!" (और ब्लैंकेट बहुत टाइटली पकड़ लेती है) "कौन हो तुम? और ये सब गलत है, तुमने मुझे किस कैसे किया?"
विहान ने प्यार से कहने की कोशिश की, "मैं तुम्हें कुछ नहीं करूँगा, लेकिन मुझे इसकी बहुत ज़रूरत है।"
आन्या: "जो तुम बोल रहे हो, ऐसा कुछ नहीं करने वाली मैं।" (और वहाँ से भागने लगती है)
विहान को अब गुस्सा आ रहा था। उसने उसका हाथ पकड़ा, उसे बेड पर गिराया और बोला, "तुम मुझे इस हालत में कैसे छोड़ के जाओगी? मैंने पहले भी बोला मैं कुछ नहीं करूँगा, और तुम अगर करवाने पे मजबूर करोगी तो तुम सोच लो।"
आन्या सहम जाती है और उसे डर भी लग रहा था, और इधर विहान को पागलों जैसा लग रहा था।
आन्या रोने जैसा चेहरा बनाकर बोलती है, "प्लीज़ मुझे छोड़ दो ना, मुझे दी के पास जाना है, प्लीज़..."
विहान ने स्ट्रिक्टली (कड़क आवाज़ में) बोला, "चुप से बैठी रहो बस, और मुझे बस हग करो... बस! और पहली बार प्लीज़ बोल रहा हूँ।"
आन्या भी शांति से बैठ जाती है क्योंकि विहान इस वक्त बहुत खतरनाक लग रहा था। विहान ने आन्या के ऊपर वाली शर्ट के दो बटन खोले।
आन्या: "प्लीज़ मत करो ना, क्यों कर रहे हो ये सब? मुझे अच्छा नहीं लग रहा है।"
विहान ने कोई रिप्लाई नहीं दिया और उसे टाइटली हग किया। जब आन्या ने हग नहीं किया, तो विहान ने और टाइटली हग किया, जिससे आन्या के हाथ विहान की बैक (पीठ) पर आ गए। वो आन्या की गर्दन पर किस कर रहा था। आन्या ने आँखें बंद की हुई थीं और उसे गुदगुदी हो रही थी। विहान ने फिर उसकी शोल्डर (कंधे) से शर्ट को खिसकाया और चूमने लगा। वो काफी वाइल्ड होते जा रहा था। फिर आन्या के लिप्स को ऐसे किस कर रहा था जैसे कि उसे खा ही जाएगा, करीब 20 मिनट तक किस करते रहा।
आन्या ने विहान के लिप पर बाइट (काट) कर लिया, जिससे विहान को छोड़ना पड़ा।
आन्या: "अब मुझे जाने दो प्लीज़, अब दूर हटो मुझसे, मैं थक गई हूँ।"
विहान: "इतनी जल्दी कैसे थक गई? और मुझे तब तक मत रोकना जब तक मैं सैटिसफाइड (संतुष्ट) ना हो जाऊँ।"
फिर से वो किस करने लगा, लेकिन आन्या को ये सब बहुत नया लग रहा था... अजीब सा फील, अजीब सा attachment (आकर्षण)।
तकरीबन 25 मिनट के बाद उसने आन्या को छोड़ा और वॉशरूम चला गया। विहान ने शॉवर ऑन किया और दोनों हाथ दीवार पर टिका कर खड़ा हो गया। काफी हद तक उसे रिलैक्स मिला, सुकून मिल रहा था उसे।
आन्या अभी भी शांति से बैठी हुई थी, कुछ नहीं बोल रही थी। फिर एकदम से उसे याद आया, उसने अपने आप से बोला, "दी..." उसने अपने आप को टक (कपड़े ठीक) किया और फिर नीचे चली गई।
मायरा तब से आन्या को ढूँढ रही थी। आन्या मायरा के पास आई और बोली, "दी..."
मायरा ने जब देखा तब गुस्से से बोली, "तुम थी कहाँ?"
आन्या: "वो... वो पता नहीं मैं वॉशरूम में लॉक हो गई थी, और एक लड़के ने भी मुझे परेशान किया।"
मायरा: "कौन था वो? बोलो, अभी देखती हूँ मैं।"
आन्या: "नहीं दी, मुझे अब घर जाना है, मैं थक गई हूँ।"
मायरा: "ओके, बस 20 मिनट में निकलते हैं।"
विहान कपड़े चेंज करके वॉशरूम से निकला तो उसने देखा आन्या रूम में नहीं है, तो उसे बहुत गुस्सा आया। वो रूम से नीचे की तरफ गया और देखा कि सब चले गए थे, क्योंकि रात के 1 बज गए थे। बस आन्या, मायरा और ऋषभ के साथ थी। विहान भी उन लोगों के पास गया...
Milte h cuties 😍 next chapter mein plzz like and comment jarur Krna 🥺🥺 Baa byeee💕
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