ऋषभ के फोन पर कॉल आया।
रुद्रांश: हैलो ऋषभ, तुम लोग कहाँ पर हो?
ऋषभ: बस छोटे पापा निकल रहे हैं, वो एक पार्टी में आए थे। विहान और मैं...
रुद्रांश: ओके, लेकिन जल्दी आओ।
ऋषभ ने फोन काट दिया।
मायरा: एक सेकंड, तुमने झूठ क्यों कहा?
ऋषभ: अरे यार डार्लिंग, बहुत सवाल पूछती हो। शादी का घर है, तुम जानती हो दादी को...
मायरा: अच्छा हाँ। वैसे देवर जी, आप थे कहाँ?
विहान: मायरा, मैं रूम में था।
आन्या मायरा के पीछे छुपी हुई थी। उसने थोड़ी सी आँखें ऊपर करके विहान को देखा।
विहान ने आन्या की तरफ आँख झपकाई (eye blink किया)।
आन्या ने झट से आँखें नीचे कर लीं।
विहान: मायरा, ये कौन है? इंट्रोड्यूस नहीं करवाओगी?
मायरा: ये मेरी कज़िन है, उत्तराखंड से आई है। इसका नाम आन्या है।
विहान: ओह्ह्ह! (उसने आन्या की तरफ हाथ आगे किया और बोला) हैलो आन्या, आई एम विहान।
आन्या मायरा को देखती है। मायरा बोलती है, "हाँ बाबा, तुम भी इंट्रोड्यूस करो।"
आन्या: हैलो, आई एम आन्या।
विहान ने उसका हाथ कसकर पकड़ लिया। ऋषभ और मायरा बात कर रहे थे।
आन्या: छोड़ो मुझे, दर्द हो रहा है।
विहान: तुम रूम से भाग क्यों गई थी? वैसे भी तुम मुझसे दूर नहीं भाग सकती, अब आना-जाना होता रहेगा जान। ज़्यादा स्ट्रेस लेने की ज़रूरत नहीं है। (इतना बोलकर उसने आन्या का हाथ छोड़ दिया)
आन्या: दी घर चलो, मुझे घर जाना है।
मीरा अपने रूम के चक्कर लगा रही थी, उसके चेहरे पर परेशानी साफ़ दिख रही थी। उसने मायरा का फोन बहुत बार ट्राई किया, लेकिन नेटवर्क इश्यू के कारण कॉल नहीं लग रहा था। प्रिया पानी लेने किचन की तरफ जा ही रही थी कि तभी उसने मीरा को देखा।
प्रिया: क्या हुआ दी?
मीरा: अभी तक दोनों नहीं आई हैं, काफी लेट हो गया है। मुझे बहुत टेंशन हो रही है।
प्रिया: दी आ जाएँगी, रुद्रांश ने मैसेज किया है मायरा को। सो जाइए आप, चलिए मैं सुला देती हूँ।
प्रिया ने मीरा को बेड पर लिटाया, ब्लैंकेट से कवर किया, लाइट्स ऑफ कीं और रूम से बाहर चली गई।
मायरा: हाँ चल रहे हैं आन्या।
ऋषभ: विहान, तू आन्या को साथ लेकर आ जा और मैं मायरा के साथ जा रहा हूँ।
तभी आन्या बोली: नहीं, मैं इनके साथ नहीं जाऊँगी।
मायरा भी बोली: ऋषभ, चलते हैं न सब साथ में।
ऋषभ: आज लास्ट टाइम मिल रहे हैं, फिर घर से निकलना तक नहीं है, सोच लो! 😅
मायरा: हाँ ये भी सही है, लेकिन...
ऋषभ: कोई लेकिन-वेकिन नहीं, तुम मेरे साथ चलो अभी के अभी। (फिर वो दोनों चले जाते हैं)
विहान मुस्कुरा रहा था।
आन्या: दी, जीजू मुझे भी ले जाओ...
विहान: क्या हुआ... जान? वो लोग तो चले गए।
आन्या: प्लीज़, मुझे भी घर जाना है, ले चलो न वरना मैं खुद चली जाऊँगी।
विहान: ठीक है, जाओ।
आन्या क्लब से बाहर चली जाती है, उसे तो घर का रास्ता भी नहीं पता था। वो खुद से बोली, "लेफ्ट जाऊँ या राइट? राइट वाला थोड़ा ज़्यादा डरावना है, इसलिए लेफ्ट जाती हूँ।"
विहान ने अपनी कार उसकी तरफ रोकी और बोला, "तुम्हारा हो गया हो तो चलो, वरना बाद में मत बोलना कि बचाने नहीं आए।" विहान ने अपनी बगल वाला गेट ओपन किया, लेकिन आन्या जल्दी से पीछे वाली सीट पर बैठ गई। विहान ने सोचा, "कैसी लड़की है ये! यहाँ इतना हैंडसम विहान मल्होत्रा बैठा है, सब लड़कियाँ मरती हैं और एक ये..."
विहान: मैं तुम्हारा ड्राइवर नहीं हूँ, इसलिए चुपचाप से आगे आकर बैठो।
आन्या जल्दी से आगे वाली सीट पर आ जाती है।
विहान ड्राइव कर रहा था और बार-बार आन्या की तरफ देख रहा था। लेकिन आन्या विंडो के बाहर देख रही थी। तेज़ हवा चल रही थी और हल्की-हल्की बारिश की बूँदें गिर रही थीं, मौसम बहुत ही अच्छा था।
विहान ने आन्या की तरफ वाली विंडो बंद कर दी।
आन्या: ये आप क्या कर रहे हो? मैं बाहर देख रही थी न।
विहान: जब यहाँ मैं हूँ, तो बाहर देखने की क्या ज़रूरत है आन्या...
आन्या समझ नहीं पाई और बोली: क्या मतलब?
विहान: इतना इनोसेंट होने का नाटक मत करो, तुम जैसी लड़कियों को अच्छी तरह जानता हूँ।
आन्या विहान की बातें न सुन रही थी और न ही समझ रही थी, बस वो बोले जा रही थी। उसने बच्चों की तरह बोला, "प्लीज़ विंडो ओपन कर दो न... 🥺🥺"
विहान ने कार रोकी और बोला: एक शर्त पर विंडो ओपन करूँगा।
आन्या: क्या? बताओ।
विहान: किस मी (Kiss me)।
आन्या: नो नो नो...
विहान: यस, करोगी तुम।
आन्या: आपने उस टाइम भी अपनी बात मनवाई और अभी भी ऐसा कर रहे हो। मत ओपन करो विंडो, मुझे भी नहीं देखना, बस जल्दी से घर ले चलो।
विहान गुस्से में बोला: मैं तुमसे पूछ नहीं रहा हूँ, बता रहा हूँ। इसलिए जल्दी से किस करो, जब तक किस नहीं करोगी तब तक ये कार हिलेगी भी नहीं।
आन्या ने मासूम आवाज़ में कहा: मुझे नहीं करना है और ये सब गलत है, समझे आप?
विहान ने अपने हाथों की मुट्ठी बनाई और बोला: जो कह रहा हूँ वो करो, मुझे ज़्यादा ये गलत-सही का ज्ञान नहीं लेना है। और एक बात, मैं एक ही चीज़ को बार-बार नहीं दोहराऊँगा। (उसने स्टीयरिंग व्हील पर ज़ोर से मारा, जिससे आन्या बुरी तरह डर गई)
आन्या ने जल्दी से विहान के चीक (गाल) पर किस किया।
विहान घूर के उसे देखने लगा और बोला: ये क्या? मैंने तुमसे बच्चों वाला किस नहीं मांगा, लिप किस करो।
आन्या लिप किस करने लगी। किस से ज़्यादा उसने विहान के लिप को लॉलीपॉप समझ लिया था, जिसे वो चूसे जा रही थी क्योंकि आन्या को किस करना नहीं आता था। फिर विहान ने उसे किस करना स्टार्ट किया। जैसे विहान किस कर रहा था, आन्या छटपटा रही थी, लेकिन विहान ने फिर भी नहीं छोड़ा। 20 मिनट लॉन्ग डीप किस के बाद उसने आन्या को छोड़ दिया और कार ड्राइव करने लगा।
आन्या विंडो के बाहर देख रही थी, दोनों पूरे रास्ते कुछ नहीं बोले। घर आ चुका था, मायरा बाहर खड़ी थी। आन्या जल्दी से उतरी और अंदर चली गई। मायरा ने आन्या को देखा और बोला, "अब इसे क्या हो गया?" मायरा ने विहान को बाय किया और वो ऊपर चली गई। सब सो चुके थे। मायरा अपने रूम चली गई और आन्या अपने रूम में गई। उसने रूम को अंदर से लॉक किया, जल्दी से ड्रेस चेंज की और बेड पर आलती-पालती मारकर बैठ गई। उसने पिलो (तकिए) को ज़ोर से हग किया और बोली, "बहुत गंदे हो आप, बहुत गंदे! अब मैं आपसे कभी नहीं मिलूँगी, जो मन में आता है वो करते हैं..." और रोने लगती है। रोते-रोते कब सो जाती है, उसे पता भी नहीं चलता।
मल्होत्रा मेंशन
सब सो गए थे। ऋषभ भी अपने रूम में चला गया था, थकान की वजह से वो भी सो गया। और इधर विहान अपने रूम में बस आन्या के बारे में सोच रहा था। आज एक अलग सा सुकून मिल रहा था विहान को, शायद इसी की ही तलाश थी उसे जैसे। जब उसे अपने अतीत के बारे में याद आया, तब उसका गुस्सा बढ़ गया और वो तेज़ी से चिल्लाया और खुद से बोला, "तू किसी से प्यार नहीं कर सकता, न ही वो तेरी थी और न ये।" लेकिन आँख बंद करते ही विहान को आन्या का चेहरा नज़र आता, उसका गुस्सा मानो पानी की तरह फिसल जाता। विहान ने कहा, "आन्या, तुम बस मेरी हो, तुम्हें मुझसे कोई अलग नहीं कर सकता। और तुमने अगर खुद भी भागने की कोशिश की... तो मैं ऐसा होने नहीं दूँगा। लेकिन आई डोंट नो, मैं तुम्हें क्यों नहीं जाने दे सकता। अब तुम मुझे पसंद करो या न करो, दैट्स इट।" और मुस्कुराने लगा।
अगली सुबह 🌅
मल्होत्रा मेंशन
मेंशन में ज़ोरों-शोरों से तैयारियाँ चल रही थीं, हर जगह पीले और हरे फूल डेकोरेट थे। दादी सोफे पर बैठकर सबको ऑर्डर दे रही थीं।
दादी: अरे मोहन (डेकोरेशन वाला) बेटा, ऐसा सजावट करना कि सब देखते रह जाएँ। आखिर मल्होत्रा खानदान के बड़े पोते की शादी है, और उधर अच्छे से फूल लगाओ।
काव्या: माँ, मैं पूजा रूम डेकोरेशन करती हूँ और हल्दी भी पीसनी है।
इशिता: दीदी, मेहंदी नहीं मंगवाई क्या आपने?
काव्या: भूल गई काव्या, तुम देख लो उसे, मैं इधर का काम करती हूँ।
ऋषभ: माँ, मैं ऑफिस जा रहा हूँ, टाइम से आ जाऊँगा।
काव्या: तू कहीं नहीं जाएगा, शादी के बाद ही घर से निकलना है।
विहान ऋषभ के पास आया और बोला: रहो कैद में, बहुत मज़े कर लिए आपने, मैं तो चला।
विहान जैसे ही जाने के लिए मुड़ता है, तभी दादी ने अपनी छड़ी आगे कर दी।
विहान: क्या हो गया मेरी प्यारी दादी को?
दादी: ज़्यादा मस्का मत लगा, तू भी कहीं नहीं जाएगा और दफ़्तर तो बिल्कुल नहीं। बड़े भाई की शादी है, थोड़ा उसका हौसला बढ़ा।
विहान ने खुद से कहा: इनका हौसला इतना बड़ा है कि फर्स्ट नाइट में कमी नहीं रहेगी।
दादी: क्या बोला तूने?
विहान: दादी माँ, मुझे जाने दो न, आज बहुत सारा काम है ऑफिस में। पापा और बड़े पापा आज सुबह-सुबह फिर बाहर चले गए हैं काम के सिलसिले में। भाई भी यहाँ बिज़ी रहेगा, तो ऑफिस में तो कोई न कोई रहना चाहिए ना।
दादी: हाँ ये भी सही है, लेकिइइन्न... अगर टाइम से घर नहीं आया तो टाँगें तोड़ दूँगी।
विहान ने स्माइल की और धीरे से बोला: सब मुझसे डरते हैं और दादी मुझे डरा रही हैं।
दादी: आएगा यहाँ या नहीं?
विहान: हाँ हाँ हाँ, बिल्कुल आऊँगा।
विहान फिर ऑफिस के लिए निकल जाता है। ऋषभ अपने रूम में चला जाता है और लैपटॉप में कुछ काम करने लगता है।
Milte h cuties next chapter mein baa byyyy💋💋💋💋💋 like and comment krke jarur Jana
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