मायरा के घर पर भी जोरों-शोरों से तैयारियाँ चल रही थीं। अन्या सुबह-सुबह उठती है तो उसे कल वाला सीन याद आ रहा था। मीरा अन्या के कमरे में आती है और उसे अपने गले से लगा लेती है। वह बोली, "कहाँ थी तुम कल? तुमने तो मुझे डरा ही दिया था।"
कल वाले सीन के कारण अन्या का चेहरा उतरा हुआ था। मीरा ने जब यह नोटिस किया, तो उसने प्यार से पूछा:
मीरा: "क्या हो गया मेरी बच्ची?"
अन्या अपने होश में आकर बोली, "नहीं, नहीं, कुछ नहीं हुआ चाची, आप परेशान मत होइए। चलिए, आज हल्दी और मेहंदी है न मायरा दी की, मैं तैयार होकर आती हूँ, आप भी हो जाइए।"
शादी के घर का माहौल
प्रिया सब सजावट में लगी हुई थी। राजवीर कल रात को ही पहुँच गया था। ऋषि और राजवीर दोनों लिस्ट में जो सामान था, उसे लेने जा रहे थे। मीरा तैयार होकर नीचे आई।
प्रिया: "दी, आप पूजा रूम में आ जाइए न। मैं यहाँ फ्लावर (फूल) वाले को देखती हूँ कि वह ठीक से डेकोरेट तो कर रहा है न? और मैं मेहंदी की लिस्ट में लिखना ही भूल गई थी।"
मीरा: "टेंशन क्यों ले रही हो, सब अच्छे से हो जाएगा। हमारी मायरा अच्छे से विदा होकर अपने ससुराल जाएगी।"
प्रिया की आँखों में आँसू आ जाते हैं।
मीरा: "अरे पगली! हम सब तो हैं, तू टेंशन क्यों ले रही है? रोते नहीं हैं प्रिया। इसी शहर में तो है, जब दिल करे मिलने चली जाना।"
फिर दोनों काम करने लगती हैं। तभी फोन की घंटी बजती है। प्रिया कॉल रिसीव करती है।
इशिता: "नमस्ते प्रिया जी।"
प्रिया: "हाँ, नमस्ते।"
इशिता: "और सब ठीक से हो रहा है न? और आप ज्यादा टेंशन तो नहीं ले रही हैं?"
प्रिया: "नहीं इशिता जी, आप लोगों के होते मुझे कैसा टेंशन।"
इशिता: "हमने सोचा है कि हल्दी और मेहंदी रिसॉर्ट में करें, आपका क्या ख्याल है?"
प्रिया: "आपको जो सही लगे, लेकिन घर में थोड़ी पूजा है..."
इशिता: "हम लोग भी पूजा करके निकलेंगे। मैं आपको सारा एड्रेस और रिसॉर्ट का नाम सेंड कर दूँगी।"
प्रिया: "ठीक है।"
फिर कॉल कट हो जाती है।
मायरा ने लाइट येलो (हल्का पीला) सलवार सूट पहना था, जो उस पर बहुत ही ज्यादा सुंदर लग रहा था। अन्या ने भी लाइट येलो सलवार सूट पहना था। खुले बाल, मासूमियत सा चेहरा और चेहरे पर हल्की सी मुस्कान—वह बिल्कुल परी जैसी लग रही थी। सबने पीले रंग के कपड़े इसलिए पहने थे क्योंकि घर पर पूजा थी।
विहान की साजिश और होटल का ड्रामा
विहान ने किसी को कॉल किया। सामने वाले ने फोन रिसीव कर लिया था।
विहान: "रोजवुड एस्टेट होटल, रूम नंबर 405।"
इतना बोलते ही कॉल कट हो जाती है और वह डेविल (शैतानी) स्माइल करने लगता है।
1 घंटे बाद — रोजवुड एस्टेट होटल, रूम नंबर 405
विहान सोफे पर बैठकर बार-बार अपनी घड़ी देख रहा था, मानो किसी का बेसब्री से इंतज़ार कर रहा हो। कमरे का दरवाज़ा खुला और सामने अक्षरा थी। दोनों एक-दूसरे की आँखों में देख रहे थे।
1 घंटे पहले (अतीत)
विहान ने अक्षरा को कॉल किया था और उसे होटल का नाम और रूम नंबर बता रहा था।
अक्षरा: "हाँ हाँ, मैं ज़रूर आऊँगी।"
फिर फोन कट हो गया।
अक्षरा मन में ही सोचने लगी, 'वाह! आज विहान मल्होत्रा, इतना बड़ा बिज़नेस टायकून मुझे खुद फोन करके होटल बुला रहा है। लगता है क्लब वाली मोमेंट अधूरी रह गई थी, शायद वही पूरी करने बुला रहा हो।'
उसने खुद से कहा, "चल अक्षरा, जल्दी तैयार हो जा। आज हॉट और सेक्सी दोनों लगना है।" उसने एक रेड वन-पीस पहना, जिसकी नेक काफी डीप थी और उसमें उसकी क्लीवेज साफ दिख रही थी। बाल खुले रखे, मेकअप किया और पूरी तरह तैयार होकर उसने आईने में देखा।
उसने आईने से कहा, "अक्षरा, नॉट बैड! आज तो विहान फँसा।"
लेकिन उसे यह नहीं पता था कि मछली खुद जाल में फँसने जा रही है।
वर्तमान समय (रूम नंबर 405)
अक्षरा अंदर आई। विहान सोफे पर एटीट्यूड से बैठा था और बोला, "अक्षरा, काफी हॉट लग रही हो।"
विहान के मुँह से यह सुनते ही अक्षरा शर्माने लगी। विहान ने टेबल से दो स्ट्रॉबेरी जूस के ग्लास उठाए, एक अक्षरा की तरफ बढ़ाया और अपना जूस पीने लगा। अक्षरा भी घूँट-घूँट करके पीने लगी।
अक्षरा: "मेरा हो गया।" (उसने आधा ग्लास ही जूस पिया था।)
विहान: "डार्लिंग, सारा खत्म करो। उस रात वाली मोमेंट अब नहीं चाहिए क्या?"
अक्षरा ने एक झटके में सारा जूस खत्म कर लिया। अचानक उसका सिर भारी होने लगा और उसका पूरा शरीर तपने लगा। उसने विहान को किस करना चाहा, लेकिन विहान ने उसे खुद से दूर करते हुए कहा, "कंट्रोल बेबी! पहले थोड़ा खाना खा लेते हैं, उसके बाद कंटिन्यू करते हैं।"
अक्षरा: "तुमने जूस में ड्रग्स मिलाया था?"
विहान: "हाँ बेबी, क्यों क्या हुआ?"
अक्षरा: "कुछ नहीं, लेकिन अभी मेरी मदद करो।"
विहान: "खाना आ जाने दो, वरना वह ठंडा हो जाएगा।"
अक्षरा: "मुझे यहाँ तुम्हारी मदद की ज़रूरत है और तुम्हें खाने की पड़ी है! मेरी कोई वैल्यू है यहाँ या नहीं?"
विहान उसके करीब जाकर बोला, "तुम्हारी वैल्यू इतनी ही है कि... मैं तुम्हें लाइव टेलीकास्ट देखूँगा।"
अक्षरा उसे गले लगाने की कोशिश करने लगी और बोली, "प्लीज विहान, मेरी मदद करो, वरना मैं मर जाऊँगी। तुमने काफी हाई लेवल का डोज़ दिया है।"
तभी दरवाज़े पर दस्तक (नॉका) हुई। विहान बोला, "कम इन (अंदर आ जाओ)।"
वेटर अंदर आया और बोला, "सर, आपके लिए खाना।"
विहान उसके कंधे पर हाथ रखकर बोला, "तुम्हें कुछ डिलीशियस (स्वादिष्ट) खाना है क्या?"
वेटर: "ये आप क्या बोल रहे हैं सर?"
विहान अक्षरा की तरफ इशारा करता है।
वेटर: "हाँ, क्यों नहीं सर।"
विहान: "तो जाओ, किस चीज़ का वेट कर रहे हो।"
वह वेटर काफी जिम बॉडी वाला लग रहा था और देखने में कुछ खास नहीं था। वह अक्षरा के करीब जाने लगा और उसकी बाजू पकड़ ली।
अक्षरा: "व्हाट द हेल! तुम क्या कर रहे हो? वेटर हो, वेटर की तरह रहो, समझे? विहान डार्लिंग, देखो ये मुझे किस नज़र से देख रहा है!"
विहान: "ओह रियली? तुम भी तो मुझे इसी नज़र से देख रही थी। यह तुम्हारी इतनी मदद करेगा कि तुम मुझे तो क्या, अपने आप को भी भूल जाओगी। सो लेट्स एन्जॉय, बाय!"
इतना बोलकर वह वहाँ से चला जाता है।
अक्षरा चिल्लाती रह जाती है, "विहान... विहान... विहान... तुम मुझे ऐसे छोड़कर नहीं जा सकते, सुन रहे हो ना!"
वेटर: "मेमसाब, सर तो चले गए। मैं आपकी मदद करता हूँ ना।"
अक्षरा: "डोंट टच मी (मुझे मत छुओ)! तुम मेरे बारे में नहीं जानते कि मैं कौन हूँ।"
वेटर: "अब जान जाऊँगा।"
उसने उसे पकड़कर बेड पर लिटा दिया।
उधर विहान अपनी कार ड्राइव करके रिसॉर्ट के लिए निकल गया और अन्या के बारे में सोच रहा था। वह खुद से बोला, "आज मैंने तुम्हें देखा नहीं। आई एम वेटिंग फॉर यू (मैं तुम्हारा इंतज़ार कर रहा हूँ)।"
Milte h cuties next chapter me 💋💋 byyyy plzzz like and comment 🥺
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