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Chapter 7

सबकी पूजा खत्म हो चुकी थी। मल्होत्रा परिवार और मायरा का परिवार, सभी रिसॉर्ट पहुँच चुके थे। विहान का प्लान 'कपल्स ड्रेस थीम' का था: दूल्हा-दुल्हन के लिए मस्टर्ड येलो + आइवरी और बाकी सभी लड़कियों के लिए पिस्ता ग्रीन लहंगा। लड़कों के लिए थीम थी: क्रीम कुर्ता पाजामा + पिस्ता ग्रीन दुपट्टा।

मेकअप आर्टिस्ट मायरा को तैयार कर रही थी। इधर अन्या ने पिस्ता ग्रीन रंग का लहंगा पहना हुआ था। डीप-वर्क वाला ब्लाउज और भारी लहंगा पहने, गले में दुपट्टा डाले वह अपनी कमर (stomach) को देख रही थी। कानों में छोटे-छोटे झुमके, माथे के बिल्कुल बीचो-बीच बिंदी, नीचे से कर्ल किए हुए बाल और गालों पर हल्का सा ब्लश... उसके चेहरे पर हमेशा की तरह वही मासूमियत थी। आज अन्या सच में कयामत ढा रही थी।

अन्या मायरा के कमरे में गई। मायरा पूरी तरह तैयार हो चुकी थी। दोनों बहनें एक-दूसरे की नजर उतारने लगीं।

अन्या: "दी, आज आप बहुत-बहुत सुंदर लग रही हो। आपको किसी की नजर ना लगे।"

मायरा: "तुम तो हमेशा से ही सुंदर हो, लेकिन तुम्हें भी किसी की नजर ना लगे।"

अन्या ने पपी-फेस (मासूम सा चेहरा) बनाकर बोला, "दी, मेरी कमर ज्यादा दिख रही है और ब्लाउज भी बहुत छोटा है, मुझे नहीं पसंद।"

मायरा ने उसे डांटते हुए कहा, "चुप रहो, सब ठीक है और चलो नीचे, सब इंतजार कर रहे हैं।" मायरा ने अन्या का हाथ पकड़ा और दोनों नीचे चली गईं।

विहान, अभिमन्यु और रुद्रांश को पिकअप करने एयरपोर्ट गया था। रिसॉर्ट में कोई हल्दी ला रहा था तो कोई मेहंदी, मतलब सब किसी न किसी काम में लगे हुए थे। ऋषभ अपने पूरे टशन के साथ तैयार था और काफी हैंडसम लग रहा था।

विहान रिसॉर्ट लौट आया था। उसने कार पार्किंग में लगाई और सीधे ऋषभ के कमरे में चला गया।

विहान: "भाई! आज तो बहुत हैंडसम लग रहे हो। आज ही का प्लान है क्या... समझ ही रहे हो, या यहाँ डिटेल में बताऊँ?"

ऋषभ: "तू क्या बोल रहा है, मेरे कुछ समझ नहीं आ रहा है।"

विहान: "अरे यार... फर्स्ट नाइट!"

ऋषभ: "तेरी तो..."

विहान (थोड़ा उदास होने का नाटक करते हुए) बोला: "क्या मतलब, फर्स्ट नाइट नहीं करना है? कोई बात नहीं, मैं मायरा को बोल दूंगा। और मुझे भी तैयार होना है, मैं जाता हूँ।" और वह वहाँ से चला गया।

ऋषभ (पीछे से बड़बड़ाया): "विहान, तू सुधर जा। बस घर पे इनोसेंट (मासूम) होने का नाटक करता है, पर तू कितना बड़ा कमीना है... मतलब विलेन!"

विहान फ्रेश होकर तैयार हो गया। उसने क्रीम कुर्ता पाजामा और पिस्ता दुपट्टा पहना था। बालों को सेट किया, परफ्यूम लगाया और नीचे चला गया। अब सब रिसॉर्ट के स्विमिंग पूल वाले एरिया में थे। ऋषभ और मायरा अपनी जगह पर जाकर बैठ गए। बाकी सब तैयार थे, लेकिन विहान की आँखें चारों तरफ बस अन्या को ढूंढ रही थीं।

तभी प्रिया ने अन्या को आवाज दी।

प्रिया: "अन्या बेटा, अंदर से हल्दी ले आओ।"

अन्या: "हाँ मौसी।"

अन्या कॉरिडोर से होते हुए ऊपर कमरे की तरफ जा रही थी। उधर विहान अपना फोन कमरे में ही भूल आया था, इसलिए वह भी अपने कमरे की तरफ जा रहा था। अन्या हल्दी लेकर आ रही थी और अपनी ही धुन में चली जा रही थी।

उसी वक्त अन्या सीधे विहान से टकरा गई! उसकी नजरें नीचे थीं और विहान सिर्फ उसी को देख रहा था।

अन्या (बिना देखे ही झल्लाकर बोली): "अंधे हो क्या? दिखता नहीं है?"

जैसे ही उसने ऊपर देखा, उसे विहान नजर आया। विहान उसकी मासूमियत में खो सा गया, फिर अचानक होश में आया।

विहान: "क्या... क्या बोली तुम अभी?"

अन्या के दिमाग में फिर से पुरानी यादें आने लगीं और वह मन ही मन बोली— 'हे भगवान! ये अकड़ू इंसान यहाँ भी मिल गया!'

विहान (गुस्से में): "क्या बुदबुदाए जा रही हो? अच्छे से बोलो।"

अन्या: "कुछ नहीं।"

विहान ने उसे ऊपर से नीचे तक देखा और धीरे से बुदबुदाया, "सो ब्यूटीफुल एंड हॉट!"

अन्या: "कुछ कहा आपने? वैसे भी मुझे क्या... हटिए मेरे रास्ते से, मुझे जाना है।"

इतना बोलते ही वह जाने लगी, लेकिन तभी विहान ने उसकी कमर (stomach) से पकड़कर उसे अपनी तरफ खींच लिया और बोला, "कहाँ जा रही हो?"

अन्या बिल्कुल सहम गई। उसने अपनी कमर की तरफ देखा, जहाँ विहान का हाथ था।

अन्या (धीरे-धीरे कांपती आवाज में बोली): "मुझे जाना है... देखो मेरे हाथों में हल्दी है, मुझे जाने दो प्लीज..."

Ky anya ko vihaan Jane degaa?????

Milte h cuties 😍 next chapter mein baa byeee💋💋💋💋 and plzz follow me and like comment 🥺

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